सावन में बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वालों की संख्या काफी बढ़ जाती है। दर्शन के लिए लंबी कतार, पैदल यात्रा और भीड़ के कारण सही समय पर भोजन मिलना कभी-कभी मुश्किल हो सकता है। इसलिए घर से कुछ हल्का और टिकाऊ खाना लेकर जाना सुविधाजनक रहता है।
जो लोग व्रत रखते हैं और जो सामान्य भोजन करते हैं, दोनों के लिए खाने की तैयारी अलग होनी चाहिए। यात्रा में ऐसा भोजन चुनें जो जल्दी खराब न हो, पेट पर भारी न पड़े और आसानी से खाया जा सके।
देवघर पहुंचने के बाद क्या खाएं?
देवघर में सात्त्विक भोजन आसानी से मिल जाता है। मंदिर दर्शन के बाद बहुत अधिक तला या मसालेदार भोजन खाने के बजाय ताजा और हल्का खाना चुनना बेहतर होता है।
1. दाल, चावल, रोटी और सब्जी
दर्शन के बाद किसी साफ भोजनालय से गर्म दाल-चावल, रोटी और साधारण सब्जी खा सकते हैं। देवघर जिला प्रशासन की स्थानीय भोजन संबंधी जानकारी में भी रोटी, चावल, दाल और सब्जी को यहां का सामान्य घरेलू भोजन बताया गया है।
2. गरम खिचड़ी
लंबी यात्रा के बाद मूंग दाल की गर्म खिचड़ी अच्छा विकल्प है। यह साधारण होती है और अधिक मसालेदार भोजन की तुलना में हल्की लगती है।
3. धुस्का और वड़ा
देवघर में धुस्का और उड़द दाल का वड़ा स्थानीय रूप से लोकप्रिय हैं। इन्हें केवल ऐसी दुकान से खाएं जहां खाना आपके सामने ताजा और गर्म बनाया जा रहा हो। बहुत देर से खुले में रखा धुस्का या वड़ा न लें।
4. देवघर का पेड़ा
देवघर का खोया पेड़ा और खीरमोहन प्रसिद्ध हैं। इन्हें किसी साफ और विश्वसनीय दुकान से ताजा खरीदें। पेड़ा दूध और खोये से बनता है, इसलिए गर्मी में इसे लंबे समय तक खुले में लेकर न घूमें।
5. फल और नारियल पानी
केला, सेब, संतरा और नारियल पानी यात्रा के दौरान उपयोगी विकल्प हैं। पहले से कटे फल लेने के बजाय साबुत फल खरीदें और खाने से पहले साफ पानी से धो लें।
सावन सोमवार का व्रत हो तो क्या खाएं?
व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार इन चीजों का चुनाव कर सकते हैं:
- साबूदाना खिचड़ी
- उबला आलू
- मखाना
- भुनी मूंगफली
- दूध और दही
- केला, सेब और अन्य फल
- नारियल पानी
- कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की पूरी
- सेंधा नमक से बना फलाहार
दूध, दही या लस्सी केवल ऐसी जगह से लें जहां साफ-सफाई और ठंडा रखने की उचित व्यवस्था दिखाई दे।
घर से क्या बनाकर देवघर ले जा सकते हैं?
1. ठेकुआ
ठेकुआ यात्रा के लिए अच्छा विकल्प है क्योंकि इसमें पानी की मात्रा कम होती है और यह जल्दी खराब नहीं होता। इसे पूरी तरह ठंडा करने के बाद एयरटाइट डिब्बे में पैक करें।
2. सत्तू-गुड़ के लड्डू
सत्तू, गुड़ और घी से बने लड्डू छोटे डिब्बे में आसानी से ले जाए जा सकते हैं। यह विकल्प सामान्य भोजन करने वाले यात्रियों के लिए है। व्रत रखने वाले लोग अपने व्रत के नियम के अनुसार ही इसे खाएं।
3. भुना चना और मूंगफली
भुना चना, मूंगफली और थोड़ा गुड़ अलग-अलग छोटे पैकेट में रखें। इन्हें यात्रा में आसानी से खाया जा सकता है और किसी तैयारी की आवश्यकता नहीं होती।
4. मखाना-मूंगफली मिश्रण
व्रत रखने वालों के लिए घी में भुना मखाना और मूंगफली अच्छा सूखा नाश्ता है। इसमें पारिवारिक नियम के अनुसार सेंधा नमक मिलाया जा सकता है।
5. सूखा चिवड़ा मिश्रण
सामान्य भोजन करने वाले यात्रियों के लिए भुना चिवड़ा, मूंगफली और मखाना मिलाकर सूखा नमकीन बनाया जा सकता है। इसे पूरी तरह ठंडा करने के बाद पैक करें।
6. पूरी और सूखी आलू की सब्जी
छोटी यात्रा के लिए पूरी और बिना पानी वाली सूखी आलू की सब्जी ले जा सकते हैं। इसे उसी दिन खा लेना चाहिए। गर्मी में कई घंटों तक रखी हुई सब्जी बाद में न खाएं।
7. साबुत फल
केला, सेब और संतरा जैसे साबुत फल लेकर जाएं। कटे हुए फल घर से पैक करके लंबे समय तक रखने से बचें।
यात्रा में साथ रखने वाली जरूरी चीजें
- सीलबंद पानी की बोतल
- छोटा स्टील का गिलास
- एयरटाइट डिब्बे
- पेपर नैपकिन या साफ कपड़ा
- हाथ साफ करने के लिए साबुन या सैनिटाइजर
- ORS का पैकेट
- नियमित दवाइयां
- कचरा रखने के लिए अलग थैला
निर्जला व्रत नहीं रखने वाले यात्रियों को गर्मी और पैदल चलने के दौरान पर्याप्त पानी लेते रहना चाहिए।
व्रत वाला मखाना-मूंगफली नमकीन
यह सूखा नाश्ता घर पर आसानी से बन जाता है और देवघर यात्रा में साथ रखा जा सकता है।
आवश्यक सामग्री
- मखाना – 3 कप
- मूंगफली – 1 कप
- देसी घी – 1 बड़ा चम्मच
- जीरा – आधा छोटा चम्मच, पारिवारिक नियम के अनुसार
- काली मिर्च पाउडर – थोड़ी-सी
- सेंधा नमक – स्वादानुसार
बनाने की विधि
- कड़ाही में आधा घी गर्म करके मूंगफली को धीमी आंच पर कुरकुरा होने तक भूनें।
- मूंगफली को निकालकर उसी कड़ाही में बचा हुआ घी डालें।
- मखाने डालकर धीमी आंच पर कुरकुरा होने तक भूनें।
- परिवार के व्रत नियम अनुमति देते हों तो जीरा, काली मिर्च और सेंधा नमक मिलाएं।
- भुनी मूंगफली को मखाने में मिलाकर गैस बंद कर दें।
- मिश्रण को पूरी तरह ठंडा होने के बाद एयरटाइट डिब्बे में पैक करें।
नमी से बचाकर रखने पर यह मिश्रण कई दिनों तक कुरकुरा रह सकता है।
यात्रा में कौन-सी चीजें खाने से बचें?
- पहले से कटे और खुले में रखे फल
- बहुत देर से रखा हुआ तला भोजन
- खुले बर्तन में रखी चटनी
- बासी पूरी या सब्जी
- बिना ठंडा रखे दूध और दही
- अज्ञात पानी से बनी बर्फ
- बहुत अधिक मसालेदार भोजन
- खुले में रखी खोये की मिठाई
- दुर्गंध या बदले रंग वाला कोई भी खाद्य पदार्थ
घर का खाना कितनी देर तक सुरक्षित रहता है?
भारतीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण की भोजन-सुरक्षा सलाह के अनुसार जल्दी खराब होने वाले भोजन को सामान्यतः दो घंटे के अंदर ठंडा रखना चाहिए। बाहर का तापमान लगभग 32°C से अधिक हो तो यह समय करीब एक घंटे का माना जाता है।
यात्रा में दूध, दही, पनीर, गीली सब्जी और दूसरे जल्दी खराब होने वाले भोजन को बिना आइस पैक या ठंडे बैग के लंबे समय तक न रखें। सूखा खाना अलग-अलग छोटे डिब्बों में पैक करना बेहतर है।
एक दिन की देवघर यात्रा के लिए आसान भोजन योजना
घर से निकलने से पहले
हल्का नाश्ता करें, जैसे पोहा, उपमा, साबूदाना खिचड़ी या रोटी-सब्जी।
यात्रा के दौरान
भुना चना, मखाना, मूंगफली, ठेकुआ, फल और सीलबंद पानी रखें।
दर्शन के बाद
किसी साफ भोजनालय से ताजा गर्म खिचड़ी, दाल-चावल या रोटी-सब्जी खाएं।
घर लौटते समय
देवघर का पेड़ा खरीदना हो तो विश्वसनीय दुकान से ताजा और अच्छी तरह पैक किया हुआ पेड़ा लें।
निष्कर्ष
देवघर यात्रा में घर से ठेकुआ, मखाना, मूंगफली, भुना चना, फल और सूखे नाश्ते ले जाना सबसे सुविधाजनक रहता है। देवघर पहुंचने के बाद ताजा खिचड़ी, दाल-चावल या रोटी-सब्जी खाई जा सकती है। स्थानीय स्वाद के लिए ताजा धुस्का और देवघर का पेड़ा भी लिया जा सकता है, लेकिन दुकान की साफ-सफाई अवश्य देखें।