भारत के सबसे बड़े और भव्य त्योहारों में से एक दुर्गा पूजा का भक्तों को पूरे साल इंतजार रहता है। खासकर पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, असम, ओडिशा और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में दुर्गा पूजा बेहद उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जाती है।
अगर आप जानना चाहते हैं कि Durga Puja 2026 kab hai, Durga Puja 2026 Date and Time, Maha Ashtami 2026 कब है, Sandhi Puja timing 2026 क्या है और Vijaya Dashami 2026 कब मनाई जाएगी, तो यहां आपको प्रमुख तारीखों और पूजा से जुड़ी जानकारी एक जगह मिलेगी।
Durga Puja 2026 कब है?
2026 में दुर्गा पूजा का मुख्य उत्सव अक्टूबर के मध्य से तीसरे सप्ताह के दौरान रहेगा। पंचांग और स्थानीय परंपराओं के अनुसार पूजा की तिथियों में स्थान के आधार पर थोड़ा अंतर दिखाई दे सकता है।
बिहार के लिए उपलब्ध दुर्गा पूजा कैलेंडर के अनुसार मुख्य उत्सव 16 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 के बीच रहेगा। मुख्य सप्तमी पूजा 18 अक्टूबर, महाअष्टमी 19 अक्टूबर और विजयादशमी 21 अक्टूबर को है।
Durga Puja 2026 Date List
| पर्व / पूजा | तारीख | दिन |
|---|---|---|
| षष्ठी से जुड़े प्रारंभिक अनुष्ठान | 16–17 अक्टूबर 2026 | शुक्रवार–शनिवार |
| महा सप्तमी | 18 अक्टूबर 2026 | रविवार |
| महा अष्टमी | 19 अक्टूबर 2026 | सोमवार |
| संधि पूजा | 19 अक्टूबर 2026 | सोमवार |
| नवमी के प्रमुख अनुष्ठान | 19–20 अक्टूबर 2026 | सोमवार–मंगलवार |
| विजयादशमी / दशमी | 21 अक्टूबर 2026 | बुधवार |
स्थानीय पंचांग में षष्ठी-सप्तमी तथा नवमी से जुड़े अनुष्ठानों की तारीख में कुछ अंतर हो सकता है, इसलिए अपने शहर के अनुसार पंचांग देखना बेहतर है।
षष्ठी 2026 – मां दुर्गा के आगमन का उत्सव
दुर्गा पूजा में महा षष्ठी का विशेष महत्व होता है। इसी चरण से दुर्गोत्सव का माहौल अपने चरम की ओर बढ़ने लगता है।
इस दौरान मां दुर्गा के बोधन, आमंत्रण और अधिवास जैसे अनुष्ठान किए जाते हैं। पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ बढ़ने लगती है।
2026 में षष्ठी से जुड़े प्रमुख अनुष्ठान 16 और 17 अक्टूबर को दिखाई देते हैं।
Maha Saptami 2026 कब है?
महा सप्तमी – 18 अक्टूबर 2026, रविवार
सप्तमी के दिन से दुर्गा पूजा के प्रमुख अनुष्ठान शुरू हो जाते हैं। इस दिन नवपत्रिका पूजा या कोलाबौ पूजा का विशेष महत्व है।
नवपत्रिका में विभिन्न पौधों को एक साथ बांधकर देवी के स्वरूप के रूप में पूजा जाता है। बंगाल की दुर्गा पूजा परंपरा में यह अनुष्ठान विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
Maha Ashtami 2026 कब है?
महा अष्टमी – 19 अक्टूबर 2026, सोमवार
दुर्गा पूजा के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक महाअष्टमी है। इस दिन बड़ी संख्या में भक्त मां दुर्गा को पुष्प अर्पित करते हैं और अंजलि देते हैं।
अष्टमी के दिन कई स्थानों पर कुमारी पूजा भी की जाती है।
महाअष्टमी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा संधि पूजा माना जाता है, जो अष्टमी और नवमी तिथि के संधिकाल में की जाती है।
Sandhi Puja Timing 2026
संधि पूजा – 19 अक्टूबर 2026, सोमवार
संधि पूजा अष्टमी तिथि के अंतिम 24 मिनट और नवमी तिथि के शुरुआती 24 मिनट को मिलाकर लगभग 48 मिनट के विशेष काल में की जाती है।
उदाहरण के लिए, बिहार शरीफ के पंचांग में 2026 की संधि पूजा का मुहूर्त:
सुबह 10:27 बजे से 11:15 बजे तक
दिया गया है। यह कुल 48 मिनट का संधिकाल है।
ध्यान रखें कि Sandhi Puja का exact timing शहर के अनुसार बदल सकता है, इसलिए पटना, कोलकाता, दिल्ली, धनबाद, रांची या किसी अन्य शहर के लिए स्थानीय पंचांग का समय अवश्य जांचें।
Sandhi Puja क्यों खास है?
धार्मिक परंपरा में संधि पूजा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पूजा अष्टमी और नवमी के मिलन के समय की जाती है।
इसी कारण संधि पूजा सामान्य पूजा से अलग निर्धारित समय पर होती है। कई दुर्गा पूजा पंडालों में इस समय विशेष आरती, दीप प्रज्ज्वलन और मंत्रोच्चार किया जाता है।
Maha Navami 2026 कब है?
2026 में नवमी तिथि 19 अक्टूबर को शुरू होकर 20 अक्टूबर तक रहती है। उदाहरण के लिए कोलकाता पंचांग में नवमी तिथि 19 अक्टूबर को 10:51 बजे शुरू होकर 20 अक्टूबर को 12:50 बजे समाप्त होती है।
बंगाली दुर्गा पूजा कैलेंडर में 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को नवमी के प्रमुख अनुष्ठान, नवमी होम आदि किए जाते हैं।
नवमी दुर्गा पूजा के अंतिम प्रमुख पूजा दिवसों में से एक है। इस दिन विशेष पूजा और हवन का आयोजन किया जाता है।
Vijaya Dashami 2026 कब है?
विजयादशमी – 21 अक्टूबर 2026, बुधवार
दशमी दुर्गा पूजा का भावुक और महत्वपूर्ण दिन होता है। इस दिन मां दुर्गा को विदाई दी जाती है।
बंगाली परंपरा में दशमी के दिन सिंदूर उत्सव / सिंदूर खेला का आयोजन भी प्रसिद्ध है। इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन की परंपरा होती है।
विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश भी देती है।
Pushpanjali Timing 2026
दुर्गा पूजा के दौरान विशेष रूप से सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन पुष्पांजलि का आयोजन किया जाता है।
Pushpanjali का कोई एक ऐसा समय नहीं है जो पूरे भारत में सभी पंडालों पर लागू हो। अलग-अलग मंदिर और पूजा समितियां अपने स्थानीय पंचांग और पूजा कार्यक्रम के अनुसार अंजलि के अलग-अलग स्लॉट रख सकती हैं।
इसलिए यदि आप किसी विशेष पंडाल में Ashtami Pushpanjali 2026 देना चाहते हैं, तो उस पंडाल या मंदिर द्वारा जारी पूजा कार्यक्रम जरूर देखें।
आमतौर पर भक्त स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनकर पुष्प लेकर मां दुर्गा के सामने मंत्रोच्चार के साथ अंजलि अर्पित करते हैं।
दुर्गा पूजा के पांच प्रमुख दिन
दुर्गोत्सव के दौरान षष्ठी से दशमी तक हर दिन का अपना अलग महत्व है।
षष्ठी पर देवी के बोधन और आमंत्रण से उत्सव आगे बढ़ता है।
सप्तमी पर नवपत्रिका पूजा प्रमुख होती है।
अष्टमी पर महाअष्टमी पूजा, पुष्पांजलि और संधि पूजा का विशेष महत्व रहता है।
नवमी पर महानवमी पूजा और हवन किए जाते हैं।
दशमी पर मां दुर्गा को विदाई दी जाती है और विजयादशमी मनाई जाती है।
Durga Puja 2026 से जुड़े जरूरी सवाल
Durga Puja 2026 kab hai?
मुख्य दुर्गा पूजा उत्सव अक्टूबर 2026 के मध्य से तीसरे सप्ताह के बीच है। बिहार के लिए उपलब्ध कैलेंडर में मुख्य आयोजन 16–21 अक्टूबर के बीच हैं।
Maha Saptami 2026 कब है?
बिहार के कैलेंडर के अनुसार महा सप्तमी 18 अक्टूबर 2026, रविवार को है।
Maha Ashtami 2026 कब है?
महाअष्टमी 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को है।
Sandhi Puja 2026 कब है?
संधि पूजा 19 अक्टूबर 2026 को है। बिहार शरीफ के लिए इसका मुहूर्त सुबह 10:27 से 11:15 बजे दिया गया है। दूसरे शहरों में समय कुछ अलग हो सकता है।
Maha Navami 2026 कब है?
नवमी तिथि 19–20 अक्टूबर के दौरान पड़ती है और बंगाली दुर्गा पूजा कैलेंडर में 20 अक्टूबर को नवमी के प्रमुख अनुष्ठान बताए गए हैं।
Vijaya Dashami 2026 कब है?
विजयादशमी 21 अक्टूबर 2026, बुधवार को मनाई जाएगी।
निष्कर्ष
Durga Puja 2026 का मुख्य उत्सव अक्टूबर के मध्य से तीसरे सप्ताह के बीच रहेगा। महा सप्तमी, महाअष्टमी, संधि पूजा, महानवमी और विजयादशमी इस उत्सव के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव हैं।
अगर आप दुर्गा पूजा में अष्टमी की पुष्पांजलि, संधि पूजा या किसी विशेष अनुष्ठान में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, तो अपने शहर और स्थानीय पूजा समिति द्वारा जारी समय जरूर जांच लें, क्योंकि पंचांग का समय स्थान के अनुसार थोड़ा बदल सकता है।
जय माता दी! 🙏