ओणम केरल का प्रमुख फसल उत्सव है। लोकमान्यता के अनुसार इस अवसर पर राजा महाबली अपनी प्रजा से मिलने आते हैं। घरों को फूलों की रंगोली यानी पूकलम से सजाया जाता है और परिवार के सभी सदस्य मिलकर पारंपरिक Onam Sadhya का आनंद लेते हैं।
सद्या केवल एक भोजन नहीं, बल्कि केरल की संस्कृति, पारिवारिक एकता और मेहमाननवाजी का प्रतीक है। इसे केले के पत्ते पर परोसा जाता है। पारंपरिक सद्या में 20 से अधिक व्यंजन हो सकते हैं, लेकिन घर पर कम समय में भी 7 से 10 मुख्य व्यंजनों के साथ स्वादिष्ट सद्या थाली तैयार की जा सकती है।
Onam Sadhya की जानकारी
- तैयारी का समय: लगभग 45 मिनट
- पकाने का समय: 1 घंटा 45 मिनट
- कुल समय: लगभग 2 घंटे 30 मिनट
- कितने लोगों के लिए: 5 से 6
- भोजन का प्रकार: शाकाहारी उत्सव थाली
- व्यंजन शैली: केरल, भारतीय
- मुख्य अवसर: ओणम
पारंपरिक Onam Sadhya में क्या-क्या होता है?
सद्या में अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों के अनुसार व्यंजनों की संख्या बदल सकती है। सामान्यतः इसमें ये चीजें शामिल होती हैं:
- केरल मट्टा चावल
- परिप्पु करी
- केरल सांभर
- अवियल
- ओलन
- एरिसेरी
- कालान
- पचड़ी
- किचड़ी
- पत्ता गोभी थोरन
- रसम
- पुली इंजी
- आम या नींबू का अचार
- केले के चिप्स
- गुड़ वाले केले के चिप्स
- पापड़
- छाछ
- पायसम
यदि आप पहली बार सद्या बना रहे हैं, तो चावल, परिप्पु, सांभर, अवियल, ओलन, पचड़ी, थोरन और पायसम वाला आसान मेन्यू तैयार कर सकते हैं।
1. केरल परिप्पु करी
परिप्पु दाल को चावल और घी के साथ सद्या की शुरुआत में खाया जाता है।
सामग्री
- पीली मूंग दाल – 1 कप
- कद्दूकस किया नारियल – ½ कप
- जीरा – 1 छोटा चम्मच
- हरी मिर्च – 2
- हल्दी – ¼ छोटा चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
- पानी – आवश्यकता के अनुसार
- नारियल तेल – 1 बड़ा चम्मच
- राई – ½ छोटा चम्मच
- सूखी लाल मिर्च – 2
- करी पत्ता – 8 से 10
- घी – परोसने के लिए
बनाने की विधि
- मूंग दाल को धीमी आंच पर दो मिनट हल्का भून लें।
- दाल को धोकर हल्दी और पानी के साथ नरम होने तक पकाएं।
- नारियल, जीरा और हरी मिर्च को थोड़े पानी के साथ पीस लें।
- तैयार नारियल का मिश्रण पकी हुई दाल में डालें।
- नमक मिलाकर दाल को पांच मिनट धीमी आंच पर पकाएं।
- नारियल तेल गर्म करके राई, सूखी लाल मिर्च और करी पत्ता डालें।
- तैयार तड़का दाल में डालें। इसे चावल और थोड़ा घी डालकर परोसें।
2. बिना प्याज-लहसुन का केरल सांभर
सामग्री
- अरहर दाल – 1 कप
- कद्दू – ½ कप
- गाजर – 1
- बैंगन – 1 छोटा
- सहजन की फली – 1
- भिंडी – 5 से 6, वैकल्पिक
- इमली – एक छोटे नींबू जितनी
- सांभर पाउडर – 2 बड़े चम्मच
- हल्दी – ½ छोटा चम्मच
- गुड़ – 1 छोटा टुकड़ा, वैकल्पिक
- नमक – स्वादानुसार
- नारियल तेल – 1 बड़ा चम्मच
- राई – 1 छोटा चम्मच
- मेथी दाना – ¼ छोटा चम्मच
- सूखी लाल मिर्च – 2
- हींग – एक चुटकी
- करी पत्ता – 10 से 12
बनाने की विधि
- अरहर दाल को हल्दी और पानी के साथ नरम होने तक पकाएं।
- इमली को गर्म पानी में भिगोकर उसका रस निकाल लें।
- सभी सब्जियों को मध्यम आकार में काटकर नमक और पानी के साथ पकाएं।
- सब्जियां आधी पक जाने पर इमली का पानी और सांभर पाउडर मिलाएं।
- अब पकी हुई दाल डालकर सभी चीजों को 8 से 10 मिनट पकाएं।
- स्वाद संतुलित करने के लिए थोड़ा गुड़ डाल सकते हैं।
- नारियल तेल में राई, मेथी, लाल मिर्च, हींग और करी पत्ता डालकर तड़का तैयार करें।
- तड़का सांभर में डालकर ढक दें।
3. पारंपरिक अवियल
अवियल कई तरह की सब्जियों, नारियल और दही से बनने वाला गाढ़ा व्यंजन है।
सामग्री
- कच्चा केला – 1
- गाजर – 1
- बीन्स – 10 से 12
- सफेद कद्दू – 1 कप
- जिमीकंद – ½ कप
- सहजन की फली – 1
- कद्दूकस किया नारियल – 1 कप
- जीरा – 1 छोटा चम्मच
- हरी मिर्च – 3
- दही – ½ कप
- हल्दी – ½ छोटा चम्मच
- नारियल तेल – 1 बड़ा चम्मच
- करी पत्ता – 10 से 12
- नमक – स्वादानुसार
बनाने की विधि
- सभी सब्जियों को लंबी और लगभग समान मोटाई में काटें।
- कच्चा केला, जिमीकंद और गाजर जैसी सख्त सब्जियां पहले पकाएं।
- इसके बाद बाकी सब्जियां, हल्दी, नमक और थोड़ा पानी डालें।
- नारियल, जीरा और हरी मिर्च को दरदरा पीस लें।
- सब्जियां पकने पर नारियल वाला मिश्रण डालकर पांच मिनट पकाएं।
- आंच बिल्कुल धीमी करके फेंटा हुआ दही मिलाएं।
- दही डालने के बाद अवियल को ज्यादा न उबालें।
- गैस बंद करके नारियल तेल और करी पत्ता मिलाएं।
4. सफेद कद्दू का ओलन
ओलन का स्वाद बहुत हल्का होता है। इसे सफेद कद्दू, लोबिया और नारियल के दूध से तैयार किया जाता है।
सामग्री
- सफेद कद्दू – 2 कप
- सफेद या लाल लोबिया – ½ कप
- हरी मिर्च – 3
- पतला नारियल दूध – 1 कप
- गाढ़ा नारियल दूध – ½ कप
- करी पत्ता – 8 से 10
- नारियल तेल – 2 छोटे चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
बनाने की विधि
- लोबिया को चार से पांच घंटे भिगोकर नरम होने तक उबाल लें।
- सफेद कद्दू को छोटे टुकड़ों में काटें।
- कद्दू, उबली लोबिया, हरी मिर्च और थोड़ा नमक एक बर्तन में डालें।
- पतला नारियल दूध डालकर कद्दू को नरम होने तक पकाएं।
- अब गाढ़ा नारियल दूध मिलाएं और धीमी आंच पर एक मिनट गर्म करें।
- गाढ़ा नारियल दूध डालने के बाद ज्यादा न उबालें।
- गैस बंद करके करी पत्ता और नारियल तेल मिलाएं।
5. चुकंदर की पचड़ी
सामग्री
- चुकंदर – 2 मध्यम
- दही – 1 कप
- नारियल – ½ कप
- हरी मिर्च – 1
- जीरा – ½ छोटा चम्मच
- राई – 1 छोटा चम्मच
- नारियल तेल – 1 छोटा चम्मच
- सूखी लाल मिर्च – 1
- करी पत्ता – 8 से 10
- नमक – स्वादानुसार
बनाने की विधि
- चुकंदर को छीलकर बारीक कद्दूकस करें।
- इसमें थोड़ा पानी और नमक डालकर नरम होने तक पकाएं।
- नारियल, हरी मिर्च, जीरा और आधी राई को पीस लें।
- यह मिश्रण चुकंदर में डालकर तीन से चार मिनट पकाएं।
- मिश्रण को हल्का ठंडा होने दें और फिर फेंटा हुआ दही मिलाएं।
- नारियल तेल में बची हुई राई, लाल मिर्च और करी पत्ता डालकर तड़का तैयार करें।
- तड़के को पचड़ी में मिलाकर परोसें।
6. पत्ता गोभी थोरन
सामग्री
- पत्ता गोभी – 500 ग्राम
- कद्दूकस किया नारियल – ¾ कप
- हरी मिर्च – 2
- हल्दी – ¼ छोटा चम्मच
- राई – ½ छोटा चम्मच
- उड़द दाल – 1 छोटा चम्मच, वैकल्पिक
- सूखी लाल मिर्च – 1
- करी पत्ता – 8 से 10
- नारियल तेल – 1 बड़ा चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
बनाने की विधि
- पत्ता गोभी को बहुत बारीक काट लें।
- नारियल तेल गर्म करके राई और उड़द दाल डालें।
- सूखी लाल मिर्च, हरी मिर्च और करी पत्ता मिलाएं।
- अब पत्ता गोभी, हल्दी और नमक डालें।
- बर्तन को ढककर धीमी आंच पर पकाएं। अधिक पानी न डालें।
- पत्ता गोभी पक जाने पर कद्दूकस किया नारियल मिलाएं।
- दो मिनट चलाकर गैस बंद कर दें।
7. आसान सेवई पायसम
सामग्री
- सेवई – 1 कप
- दूध – 1 लीटर
- चीनी – ½ से ¾ कप
- घी – 2 बड़े चम्मच
- काजू – 10 से 12
- किशमिश – 1 बड़ा चम्मच
- इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
बनाने की विधि
- एक मोटे तले के बर्तन में एक बड़ा चम्मच घी गर्म करें।
- सेवई को हल्का सुनहरा होने तक भूनें।
- दूध डालकर धीमी आंच पर सेवई को नरम होने तक पकाएं।
- चीनी डालकर पांच मिनट और पकाएं।
- अलग पैन में बचे हुए घी में काजू और किशमिश भूनें।
- इन्हें इलायची पाउडर के साथ पायसम में मिला दें।
- पायसम को गर्म या हल्का ठंडा करके परोसा जा सकता है।
Onam Sadhya परोसने का पारंपरिक तरीका
केले के पत्ते का पतला सिरा भोजन करने वाले व्यक्ति की बाईं तरफ रखा जाता है। पत्ते के ऊपरी हिस्से में चिप्स, पापड़, अचार, पचड़ी, थोरन, अवियल और दूसरी सब्जियां रखी जाती हैं। चावल नीचे वाले बड़े हिस्से में परोसा जाता है।
सबसे पहले चावल के साथ परिप्पु और घी खाया जाता है। इसके बाद सांभर, फिर अन्य करी और सब्जियां परोसी जाती हैं। भोजन के बीच या अंत में पायसम दिया जाता है। रसम और छाछ के साथ भोजन पूरा किया जाता है।
यदि केले का पत्ता उपलब्ध न हो तो आप बड़ी स्टील की थाली और छोटी कटोरियों में भी सद्या परोस सकते हैं।
स्वादिष्ट सद्या बनाने के जरूरी सुझाव
- प्रामाणिक स्वाद के लिए नारियल तेल का प्रयोग करें।
- ताजा नारियल उपलब्ध हो तो सूखे नारियल की जगह उसी का उपयोग करें।
- दही डालने के बाद अवियल और पचड़ी को तेज आंच पर न पकाएं।
- गाढ़ा नारियल दूध हमेशा खाना पकने के अंत में डालें।
- सभी सब्जियों को लगभग एक समान आकार में काटें।
- पायसम को बहुत अधिक गाढ़ा न करें, क्योंकि ठंडा होने पर यह अपने आप गाढ़ा हो जाता है।
- पापड़ और केले के चिप्स भोजन परोसने से ठीक पहले रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पारंपरिक Onam Sadhya में कितने व्यंजन होते हैं?
परिवार और क्षेत्र के अनुसार व्यंजनों की संख्या अलग हो सकती है। बड़ी पारंपरिक सद्या में 20 से 40 तक व्यंजन हो सकते हैं। घर पर 7 से 12 व्यंजनों के साथ भी सुंदर सद्या तैयार की जा सकती है।
Onam Sadhya में कौन-सा चावल इस्तेमाल होता है?
पारंपरिक रूप से केरल मट्टा या लाल चावल इस्तेमाल किया जाता है। यह उपलब्ध न हो तो सामान्य चावल का उपयोग भी किया जा सकता है।
क्या Onam Sadhya पूरी तरह शाकाहारी होती है?
पारंपरिक ओणम सद्या शाकाहारी होती है। इसके कई व्यंजन बिना प्याज और लहसुन के बनाए जाते हैं।
क्या सद्या की तैयारी एक दिन पहले कर सकते हैं?
एक दिन पहले लोबिया भिगो सकते हैं, सब्जियां धो सकते हैं, नारियल कद्दूकस कर सकते हैं और मसाले तैयार कर सकते हैं। पचड़ी, अवियल, थोरन और पायसम ताजा बनाना बेहतर रहता है।
इस आसान Onam Sadhya Recipe की मदद से आप घर पर केरल के पारंपरिक स्वाद वाली सुंदर उत्सव थाली तैयार कर सकते हैं। परिवार के साथ केले के पत्ते पर भोजन परोसें और प्रेम, समृद्धि तथा आपसी एकता के इस पर्व का आनंद लें।
